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मिश्रित शिक्षा प्रणाली समय की आवश्यकता: कुलपति

शिक्षा को राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने की जरूरत: प्रो.निशि पाण्डेय

2020-12-07
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के यूजीसी- एच.आर.डी. सेंटर एवं अंग्रेजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “हायर एजुकेशन: रीसेंट ट्रेंड्स एंड इनोवेशन इन टीचिंग ऑफ लैंग्वेज एन्ड लिटरेचर (उच्च शिक्षा: भाषा और साहित्य के शिक्षण में वर्तमान प्रवृत्तियाँ एवं नवाचार)” विषय पर शुरू 14 दिवसीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम (रेफ्रेशर कोर्स) के उद्घाटन सत्र सत्र का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजेश सिंह की किया।

मुख्य अतिथि के रूप में मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर की समाजविज्ञान एवं मानविकी की अधिष्ठाता प्रो. सीमा मालिक, मुख्य वक्ता के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय की अंग्रेजी विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. निशि पाण्डेय तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की अंग्रेजी विभाग की प्रो. अनीता सिंह की उपस्थिति रही।

पुनश्चर्या पाठ्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर मार्केट बेस्ट इकोनामी का है। इसमें जिन कोर्सेज की डिमांड होगी, उन्हें डिजाइन करना पड़ेगा। सीबीसीएस और एनईपी के आधार पर पाठ्यक्रम को अपग्रेड करना होगा और उसी अनुरूप डिप्लोमा कोर्सेज चलाने होंगे। वैश्विक माँग के अनुरूप मिश्रित पाठ्यक्रम भी बनाना होगा। कोविड महामारी ने हमें ब्लेंडेड मोड ( मिश्रित प्रणाली) ऑफ़्लाइन एवं ऑनलाइन सिखाया है.गोरखपुर विश्वविद्यालय ने विभिन्न समसामयिक पाठ्यक्रमों को शुरू करने की पहल भी कर दी है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित लखनऊ विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष निशी पाण्डेय ने कहा कि आज के पाठ्यक्रम में जिज्ञासा एवं कल्पना का अभाव है। हमें तुलनात्मक अध्ययनों पर जोर देना होगा। शिक्षा मूल्यपरक होनी चाहिए, उसे राष्ट्रीय मूल्य से जोड़ना होगा। तकनीक से भागने की आवश्यकता नहीं है। जब शिक्षक सीखता है, तभी देश आगे बढ़ता है।

मुख्य अतिथि मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के समाजविज्ञान एवं मानविकी की अधिष्ठाता प्रो. सीमा मलिक ने कहा कि स्थान आधारित शिक्षा एवं शिक्षण प्रणाली होनी चाहिए। परीक्षा में मूल्यांकन व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। कोविड-19 ने तकनीक की महत्ता को बताया है, लेकिन तकनीक के जनतंत्रीकरण करने की जरूरत है, जिससे सभी तक इसकी पहुंच सुलभ हो सके।

विशिष्ट अतिथि बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की प्रो. अनीता सिंह ने कहा कि शिक्षण में नवाचार की आवश्यकता है। शिक्षण में विद्यार्थियों की सोंच को समझना जरूरी है। शिक्षक को भी खुद को हमेशा अपडेट करना होगा।कार्यक्रम में स्वागत भाषण अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. नंदिता सिंह ने किया।
विषय परिवर्तन करते हुए पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के समन्वयक प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने हिंदी, संस्कृत, उर्दू एवं अंग्रेजी भाषा के विभिन्न आयामों नवाचार एवं वर्तमान प्रवृतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला ।.यूजीसी एचआरडीसी के निदेशक प्रो. हिमांशु पांडे ने पाठ्यक्रम के महत्व एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला .इस रिफ्रेशर कोर्स में आंध्र प्रदेश महाराष्ट्र सिक्किम अरुणाचल प्रदेश बिहार उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से 40 शिक्षक प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं.इस अवसर पर प्रोफेसर आलोक कुमार, प्रोफेसर हुमा सब्जपोस प्रोफेसर सुनीता मुर्मू ,प्रोफेसर गौर हरि बेहरा प्रोफेसर शिखा सिंह प्रो अवनीश राय की भी उपस्थिति रही I

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