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‘‘समारोहों की भूल न बन जाए जिंदगी का शूल’’

2020-12-07
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  • लोगों में मॉस्क न लगाने की प्रवृत्ति दे सकती है खतरे को फिर से आमंत्रण
  • जिले के बीसीपीएम ने लोगों से सहयोग की अपील की

गोरखपुर, 14 दिसम्बर 2020 I कोविड काल में आशा कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिला कर कोरोना की रोकथाम में सक्रिय योगदान दे रहे जिले के ब्लॉक कम्युनिटी प्रासेस मैनेजर (बीसीपीएम) ने इस बीमारी के उन्मूलन में समुदाय से सक्रिय सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि शादी-ब्याह जैसे समारोहों में लोग जिस प्रकार की उदासीनता का व्यवहार अपना रहे हैं, वह कोरोना को फिर से आमंत्रण दे सकता है। उनका कहना है कि आशा कार्यकर्ताओं के दिन-रात के अथक प्रयासों से हुई सैंपलिंग, कांन्टैक्ट ट्रेसिंग व लोगों के बीच चलाए गए जनजागरूकता कार्यक्रम का असर है कि जिले में कोविड अपेक्षाकृत नियंत्रित हुआ है लेकिन समुदाय की गलती सारी मेहनत पर पानी फेर सकती है। खासतौर से लोगों की मॉस्क न लगाने की प्रवृत्ति खतरे को फिर से आमंत्रण दे रही है।

गगहा ब्लॉक के बीसीपीएम अशोक पांडेय का कहना है कि समारोहों में प्रायः यह देखा जा रहा है कि भीड़भाड़ के बावजूद लोग मॉस्क नहीं लगा रहे हैं। शारीरिक दूरी का भी पालन नहीं हो रहा है। हाथों की सफाई पर भी पहले जैसा जोर नहीं रह गया है। लोगों को समझना होगा कि कोविड अभी गया नहीं है। अभी इसके टीकाकरण की तैयारी चल रही है। लोगों को धैर्य बना कर रखना होगा। आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया है कि वह लोगों को मॉस्क के प्रयोग, शारीरिक दूरी के पालन और हाथों की नियमित सफाई के प्रति लगातार जागरूक करते रहें, लेकिन उनका प्रयास तब तक सफल नहीं होगा जब तक कि लोग खुद आगे आकर इस व्यवहार को स्वीकार नहीं करेंगे।

खजनी ब्लॉक के बीसीपीएम खुश मुहम्मद अंसारी का कहना है कि आशा कार्यकर्ता गृह भ्रमण के दौरान सर्दी, खांसी, बुखार और सांस के रोगियों का भी पता लगा रही हैं। ऐसे लोगों के कोविड जांच का भी दिशा-निर्देश है। खासतौर से अगर इन लक्षणों के साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, ह्रदय, सांस आदि से जुड़ी कोई अन्य गंभीर बीमारी भी हो तो। जिन लोगों में यह लक्षण और बीमारियां हैं, उन्हें कोविड की जांच अवश्य करा लेनी चाहिए। लोग इन लक्षणों को छिपा कर मनमाने तरीके से दवा न खाएं अन्यथा यह न केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और समाज सभी के लिए खतरा साबित हो सकता है।

ब्रह्मपुर ब्लॉक के बीसीपीएम अश्वनी श्रीवास्तव का कहना है कि जो भी प्रवासी जिले में समारोहों में शामिल होने के लिए आ रहे हैं, उनकी लिस्टिंग भी की जा रही है। अगर किसी को स्वास्थ्य संबंधित दिक्कत हो तो उसकी जांच अवश्य करवाने का आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश है। जिन परिवारों में प्रवासी आ रहे हैं उन्हें भी खुद आगे आना होगा। अगर प्रवासी को या फिर उसके परिवार के किसी सदस्य को स्वास्थ्य संबंधित दिक्कत हो तो कोरोना जांच अवश्य करवानी चाहिए।

पिपराईच के बीसीपीएम विमलेश त्रिपाठी ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार दुकानदारों, पटरी व्यापारियों, सामुदायिक बाजारों से जुड़े लोगों की भी कोविड जांच करवाई जा रही है। जो लोग भी ऐसे भीड़भाड़ वाली जगहों पर नियमित बैठते हैं उन्हें लक्षण दिखने पर कोरोना की जांच अवश्य करवा लेनी चाहिए। ऐसा करके वह न सिर्फ अपना और अपने परिवार का, बल्कि ग्राहकों का भी भला करेंगे।

एप पर मौजूद हैं जांच केंद्र

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर श्रीकांत तिवारी का कहना है कि कोविड जांच के लिए अब किसी को भटकने की भी आवश्यकता नहीं है। जो लोग जांच करवाना चाहते हैं वह स्मार्ट फोन में मेरा कोविड केंद्र एप डाउनलोड कर लें। इस एप में सभी जांच केंद्रों की सूची मौजूद है। सूची के साथ संबंधित व्यक्ति से केंद्र की दूरी और दिशा का भी पता चल जाता है। इसलिए लोग कोविड के प्रति सतर्क रहें और अगर लक्षण दिखे तो जांच अवश्य करवाएं। सभी लोग मिल कर सामुदायिक सहयोग से ही इस बीमारी पर पूर्ण निंयत्रण पा सकेंगे।

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